भूखे प्यासे तीन दिन पैदल चलकर आठ मजदूर मेघालय से जोराबाट पहुंचे

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गुवाहाटी, 27 अप्रैल (संवाद 365)। उच्चतम् न्यायालय द्वारा लॉक डाउन के दौरान मजदूरों के पलायन को लेकर सभी राज्य को दिशा निर्देश दिए जाने के बाद भी मजदूरों का पलायन लगातार जारी है। मेघालय के सीमेंट उद्योग से आठ मजदूर दिन-रात पैदल चलकर सोमवार को जोराबाट पहुंचे। मेघालय के जयंतिया हिल्स जिले की एक सीमेंट फैक्ट्री में लॉक डाउन के दौरान फंसे काफी के संख्या में असम के मजदूर पैदल ही निकल पड़े। भूखे प्यासे लगभग ढाई 250 किलोमीटर पैदल यात्रा कर अपने-अपने घर के लिए रवाना हुए।

जिनमें से आठ मजदूर सोमवार को जोराबाट पहुंचे। इनमें मोहम्मद रफी अली, गुलाब हुसैन, हुसैन अली, रहमत अली, हाफिजुर इस्लाम,जमीर अली यमराजुल हक और रफीक अली शामिल हैं। आठ मजदूरों में से छह मजदूर दरंग और दो मजदूर उदालगुड़ी जिला के रहने वाले हैं। मोहम्मद रफीक अली ने कहा कि पिछले तीन दिनों से लगातार हम पैदल चलकर आज जोराबाट तक पहुंचे हैं। लॉक डाउन के दौरान हम लोगों के पास खाने-पीने की काफी कमी हो गई थी। हम एक ठेकेदार के अंदर काम कर रहे थे। वह भी लॉक डाउन के दौरान अपना मोबाइल बंद कर दिया। न तो हमारे पास राशन था न पैसा। जिसकी वजह से काफी संख्या में मजदूर पैदल ही अपने-अपने जिला में जाने के लिए निकल पड़े ।

वहीं, गुलाब हुसैन ने बताया कि भूखे प्यासे जंगल, झाड़ी, पहाड़ आदि को पार करते हुए हम तीन दिनों में जोराबाट तक पहुंचे हैं। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि हम सभी को घर भेजा जाएगा। अभी भी हम लोग मेघालय में जहां पर थे वहां पर असम के काफी मजदूर फंसे हुए हैं। हम मीडिया के माध्यम से असम सरकार से अनुरोध करते हैं कि असम के मजदूरों को मेघालय से सुरक्षित लाया जाए।

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